Sultan Khan & K.S. Chithra

Piya Basanti Lyrics

पिया बसंती रे
काहे सताए आजा
पिया बसंती रेकाहे सताए आजा
जाने क्या जादू किया
प्यार की धुन छेड़े जिया
काहे सताए आजा
पिया बसंती रे
काहे सताए आजा...बादल ने अंगड़ाई ली जो कभी, लहराया धरती का आँचल
बादल ने अंगड़ाई ली जो कभी, लहराया धरती का आँचल
ये पत्ता-पत्ता, ये बूटा-बूटा, छेड़े है कैसी ये हलचल
मनवा ये डोले, जाने क्या बोले
मनवा ये डोले, जाने क्या बोले
मानेगा ना मेरा जिया
तेरे है हम तेरे पिया
काहे सताए आजा
पिया बसंती रे
काहे सताए आजा...
पलकों के सिरहाने बैठे, ख्वाब वही जो आने वाले
दिल की गिरहा-गिरहा खोले, मन में प्यार जगाने वाले
पलकों के सिरहाने बैठे, ख्वाब वही जो आने वाले
दिल की गिरहा-गिरहा खोले, मन में प्यार जगाने वाले
सतरंगी सपने बोले रे
काहे सताए आजा
पिया बसंती रे
काहे सताए आजा
पिया बसंती रे
काहे सताए आजा
जाने क्या जादू किया
प्यार की धुन छेड़े जिया
काहे सताए आजा
पिया बसंती रे
काहे सताए आजा...